क्या साइबर सुरक्षा के मामले में पिछड़ रहीं भारतीय IT कंपनियां?
एक नई रिपोर्ट से सामने आया है कि भारत की दिग्गज IT कंपनियां साइबर सुरक्षा को उतनी अहमियत नहीं दे रही हैं, जबकि डिजिटल खतरे लगातार बढ़ रहे हैं।
अप्रैल, 2020 से लेकर 2026 के मध्य तक इन कंपनियों ने दूसरी कंपनियों को खरीदने पर 6.8 अरब डॉलर (करीब 600 अरब रुपये) खर्च किए, लेकिन उस रकम का महज 4.4 प्रतिशत हिस्सा, यानि करीब 30 करोड़ डॉलर (करीब 2,800 करोड़ रुपये) ही साइबर सुरक्षा से जुड़े सौदों में लगाया गया।
इंफोसिस और विप्रो जैसी कंपनियों ने भी एक-एक साइबर सुरक्षा-केंद्रित अधिग्रहण किया, फिर भी कुल मिलाकर इस क्षेत्र में निवेश काफी कम रहा है।
एक्सेंचर ने किए करीब 350 अरब रुपये खर्च
दूसरी तरफ, एक्सेंचर साइबर सुरक्षा को लेकर काफी गंभीरता दिख रहा है। उसने हाल ही में 3 साइबर सुरक्षा कंपनियों के अधिग्रहण पर 4.2 अरब डॉलर (करीब 350 अरब रुपये) खर्च किए हैं और अब इस क्षेत्र में उसके पास 19,000 से ज्यादा विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आने के बाद से साइबर हमले तेज और जटिल होते जा रहे हैं।
ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय IT कंपनियों को इस दिशा में अपनी तैयारी बेहतर करनी होगी, वरना वे बहुत पीछे रह जाएंगी। एक ऐसे दौर में जहां डिजिटल सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है, यह बदलाव बेहद जरूरी है।