भारत में कच्चा तेल मार्च के बाद उच्च स्तर पर पहुंचा, 131 डॉलर हुई कीमत
भारत के कच्चे तेल का बास्केट 131 डॉलर (करीब 12,000 रुपये) प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। यह मार्च के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। यह उछाल मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और दुनियाभर में आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण हुआ है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा का कहना है कि कच्चे तेल के बढ़े हुए दाम और वैश्विक बॉन्ड यील्ड बाजारों में बेचैनी पैदा कर रहे हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की चिंताएं और गहरा रही हैं।
पेट्रोल-डीजल के नहीं बदले दाम
कच्चे तेल के दाम आसमान छूने के बाद भी देश के बड़े शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। अगर, कच्चे तेल के ऊंचे दाम लंबे समय तक बने रहते हैं तो इसका सीधा असर तेल कंपनियों पर दिख सकता है।
इससे आम लोगों के लिए परिवहन की लागत बढ़ सकती है और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी महंगी हो सकती हैं क्योंकि अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति पहले ही 4.82 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई थी।