भारत में एक दिन में 11 फीसदी महंगा हुआ कच्चा तेल
एक ही दिन में भारत के कच्चे तेल की कीमत 11 फीसदी उछलकर 103.33 डॉलर (करीब 9,800 रुपये) प्रति बैरल हो गई, जो पिछले 2 महीनों में सबसे ज्यादा है।
यह उछाल वैश्विक आपूर्ति मार्गों में आई रुकावटों के कारण हुआ है, क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया है और लाल सागर में जहाजों पर हमले हो रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी एक समय 100 डॉलर (करीब 9,500 रुपये) के पार निकल गया था। हालांकि, बाद में यह 97.08 डॉलर (करीब 9,200 रुपये) पर स्थिर हो गया।
कच्चे तेल की कीमतों का भारत पर पड़ता है असर
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 90 फीसदी हिस्सा बाहर से मंगाता है। इसलिए, दुनियाभर में तेल की कीमतों में होने वाली बढ़त का सीधा असर यहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है।
जुलाई में डीजल की औसत कीमत बढ़कर 129.8 डॉलर (करीब 12,000 रुपये) प्रति बैरल हो गई, जो जून से काफी अधिक थी।
दूसरी तरफ, पेट्रोल की कीमत में मामूली गिरावट आई, लेकिन यह फिर भी 103.3 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रही।
अगर, यही रुझान जारी रहा तो आगे चलकर पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे पिछले मई में तेल कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए कीमतों में करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।