हर साल 17 फीसदी की तेजी से बढ़ रहा भारत का आयुष सेक्टर
भारत का आयुष सेक्टर जबरदस्त रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, जिसमें आयुर्वेद, योग, नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी चिकित्सा प्रणालियां शामिल हैं।
नागपुर में 11वें आयुर्वेद दिवस पर पेश की गई एक नई रिपोर्ट बताती है कि यह सेक्टर हर साल करीब 17 फीसदी की तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में इसका आर्थिक योगदान लगभग 36.92 अरब डॉलर (करीब 3,500 अरब रुपये) रहा।
कारोबार 318 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान
आयुष केवल सेहत और अच्छे लाइफस्टाइल के नए रुझानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह देश में बड़े अवसर भी पैदा कर रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, 2047 तक यह सेक्टर 318 अरब डॉलर (करीब 30,000 अरब रुपये) तक पहुंच सकता है और इससे लगभग 17.6 लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है। इस सेक्टर की ज्यादातर कमाई क्लीनिक और डे-केयर सेंटर से होती है, जिसमें आयुर्वेद सबसे आगे है।
जानकारों का मानना है कि अगर, डिजिटल कौशल और वैश्विक मानकों को बेहतर बनाया जाए तो आयुष भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में और भी ऊंचाई पर पहुंच सकता है।