बेहतर मानसून संकेतों और विदेशी निवेश से थमी बॉन्ड यील्ड की चाल
भारत का बॉन्ड बाजार मंगलवार (7 जुलाई) को शांत बना रहा। 10 साल का प्रमुख यील्ड 6.6857 फीसदी पर लगभग अपरिवर्तित रहा।
कारोबारी जहां नए संकेतों का इंतजार कर रहे थे, वहीं फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के जरिए लगातार आ रहे विदेशी निवेश से बाजार को सहारा मिला।
इसके साथ ही, मानसून की बारिश में सुधार और महंगाई की चिंताएं कम होने से भी बाजार में स्थिरता बनी रही।
21,350 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स की होगी नीलामी
जून में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बॉन्ड्स में करीब 3.7 अरब डॉलर का निवेश किया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वैश्विक पूंजी आकर्षित करने के प्रयासों की बदौलत यह निवेश आया है।
दूसरी तरफ, मानसून की बारिश में भी सुधार देखा गया है। पिछले सप्ताह जहां बारिश की कमी चिंताजनक रूप से 43.1 फीसदी थी, वहीं अब यह घटकर 24 फीसदी रह गई है। बारिश की इस वापसी से कीमतों पर पड़ने वाला दबाव कुछ कम हुआ है।
राज्य सरकारें 21,350 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स की नीलामी करने वाली हैं। इस नीलामी के नतीजे तय करेंगे कि यील्ड आगे किस दिशा में बढ़ेंगे।