बॉन्ड यील्ड में 2 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद गिरावट
मंगलवार (29 सितंबर) को भारत सरकार के 10 साल के बॉन्ड की यील्ड 7.1797 फीसदी पर आ गई। इससे ठीक पहले यह 2 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।
दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर (करीब 9,900 रुपये) प्रति बैरल के आस-पास घूम रहा है।
साथ ही, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी लगभग 20 सालों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है, जिससे हर कोई महंगाई को लेकर चिंतित है।
7.86 लाख करोड़ रुपये की उधारी का लक्ष्य तय
हालात को स्थिर रखने के लिए भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2027 के बाकी बचे हिस्से के लिए अपनी उधारी का लक्ष्य 7.86 लाख करोड़ रुपये तय किया है। यह पूरे साल के बजट में तय सीमा के भीतर ही है।
इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों में मौजूद अतिरिक्त नकदी को कम करने के लिए इस साल एक लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड बेचे हैं।
यह एक दशक से भी ज्यादा समय में सबसे ज्यादा है। फिर भी वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई के बने रहने के कारण बॉन्ड यील्ड फिलहाल ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है।