डॉलर के मुकाबले एक महीने के मजबूत स्तर पर पहुंचा भारतीय रुपया
सोमवार (19 अक्टूबर) को भारतीय रुपया, डॉलर के मुकाबले 94.82 पर पहुंच गया। यह एक महीने से भी ज्यादा समय में भारतीय मुद्रा का सबसे मजबूत स्तर है।
पिछले सप्ताह इसमें 2 फीसदी की अच्छी-खासी तेजी देखने को मिली थी, जिससे रुपया अपने सबसे निचले स्तर के करीब से वापस उबर पाया।
यह मजबूती इसलिए आई क्योंकि विदेशी बैंकों ने डॉलर बेचे और कच्चे तेल की कीमतों में भी थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। इससे इस मुद्रा को थोड़ी राहत मिली है।
नीतिगत बदलावों से मिली स्थिरता
हाल ही में हुए नीतिगत बदलावों ने फिलहाल स्थिति को संभालने में मदद की है जैसे, तेल रिफाइनरियों के लिए डॉलर की उपलब्धता बढ़ाई गई और कुछ खास ट्रेड पर नियमों को सख्त किया गया।
जानकारों का मानना है कि रुपये की स्थायी मजबूती के लिए अर्थव्यवस्था की बुनियाद को और मजबूत करना होगा। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतों में करीब 2 फीसदी की गिरावट ने भी रुपये पर कुछ दबाव कम किया है।
हालांकि, FX एडवाइजरी फर्म CR फॉरेक्स के प्रबंध निदेशक अमित पाबरी जैसे विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर, दुनियाभर में कच्चे तेल के दाम फिर से बढ़ते हैं तो रुपया एक बार फिर डगमगा सकता है। उन्होंने कहा, "कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें अभी भी एक बड़ा जोखिम बनी हुई हैं।"