अमेरिकी महंगाई घटने से रुपये को मिली राहत, कच्चे तेल ने बढ़ाई मुसीबत
भारतीय रुपया बुधवार (15 जुलाई) को अमेरिकी डालर के मुकाबले 96.17 पर खुला। यह पिछले कारोबारी सत्र के 96.20 के मुकाबले थोड़ा मजबूत है।
रुपये में यह मजबूती अमेरिका में महंगाई घटने के बाद आई है। दरअसल, जब अमेरिका में महंगाई घटती है तो फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना कम हो जाती है।
ब्याज दरें बढ़ने से रुपये जैसी वैश्विक मुद्राओं पर दबाव पड़ता है। ऐसे में महंगाई घटने की यह खबर रुपये के लिए राहत भरी रही।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बढ़ा रही दबाव
अमेरिकी महंगाई कम होने से रुपये को राहत तो मिली है, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें उसके लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं।
तेल इस समय 86 डालर (करीब 8,100 रुपये) प्रति बैरल के आस-पास बना हुआ है। इसके महंगा होने से भारतीय आयातकों को इसे खरीदने के लिए ज्यादा डालर चाहिए होंगे। डालर की मांग बढ़ने से रुपये पर और कमजोरी का दबाव बढ़ सकता है।
CR फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पाबारी का कहना है कि आने वाले दिनों में डालर-रुपये की इस जोड़ी पर ऊपर की ओर और दबाव बन सकता है।