रुपया 24 पैसे की मजबूती के साथ डॉलर के मुकाबले 94.66 पर खुला
मंगलवार (3 नवंबर) को भारतीय रुपये 24 पैसे उछलकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.66 पर खुला। सोमवार को यह 94.90 पर बंद हुआ था। रुपये में यह उछाल मुख्य रूप से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में 11 फीसदी की गिरावट के कारण आई है।
इससे भारत का तेल आयात बिल कम होने की उम्मीद है और अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छे संकेत मिल रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट उन नई घटनाओं के बाद हुई, जिनसे अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के संभावित समाधान की उम्मीदें बढ़ी हैं। इससे पश्चिम एशिया से तेल की आपूर्ति आसान होने की उम्मीद जगी है।
94.50-94.70 पर प्रतिरोध का सामना
हाल ही में मिली इस मजबूती के बावजूद रुपया 94.50-94.70 के स्तर पर अटक सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अमेरिकी डॉलर अब भी मजबूत बना हुआ है और दूसरी एशियाई मुद्राएं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही हैं।
भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी तेल आयात करता है, ऐसे में कच्चा तेल सस्ता होने से उसके खर्चों में कमी आती है, लेकिन बाजार का माहौल, एशियाई शेयर बाजारों की कमजोरी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कदमों से अल्पकालिक तौर पर हालात बदल सकते हैं।
वैश्विक घटनाओं और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखनी होगी। अगर, रुपया अपनी मौजूदा सीमा (94.50-94.70 प्रतिरोध क्षेत्र) से बाहर निकलता है तो आगे कुछ दिलचस्प बदलाव देखने को मिल सकते हैं।