भारतीय खुदरा विक्रेता ग्राहकों को समझने में ले रहे AI की मदद
भारतीय खुदरा विक्रेता अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपनी दुकानदारी को और भी स्मार्ट बना रहे हैं। वे ग्राहकों की पसंद जानने और बिक्री में होने वाले नुकसान को घटाने के लिए स्मार्ट कैमरे, आवाज पहचानने वाली तकनीक (स्पीच रिकग्निशन) और सामान का पहले से अंदाजा लगाने वाली इंवेट्री जैसी तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
एनवीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर के लगभग 10 में से 9 खुदरा विक्रेता पहले से ही AI का इस्तेमाल कर रहे हैं या फिर इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। यही नहीं, लगभग सभी विक्रेता जल्द ही इसमें और ज्यादा निवेश करने की योजना बना रहे हैं।
AI की मदद से लागत में की 73 फीसदी कमी
रेमंड लाइफस्टाइल और टाइटन जैसे बड़े ब्रांड्स को AI से वाकई अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। रेमंड ने AI से बने मार्केटिंग कंटेंट का इस्तेमाल करके न केवल अपनी उत्पादन और लॉजिस्टिक्स की लागत में 73 फीसदी की कटौती की है, बल्कि इसकी मदद से वह अपना स्टॉक को भी हमेशा भरा रख पाता है।
वहीं दूसरी तरफ, टाइटन कंपनी अपने स्टोर्स के लेआउट को बदलने के लिए हीटमैप्स का इस्तेमाल करती है, ताकि ग्राहकों का ज्यादा ध्यान खिंच सके।