हर साल 17.1 फीसदी की दर से बढ़ रहा भारतीय म्यूचुअल फंड बाजार
पिछले कुछ सालों में भारत के म्यूचुअल फंड्स का बाजार बहुत तेजी से बढ़ा है। 2020 के आखिर से 2025 तक इसमें हर साल 17.1 फीसदी की रफ्तार से बढ़ोतरी हुई है, जो दुनिया के औसत से भी दोगुनी है।
इस तेजी के चलते दुनियाभर में म्यूचुअल फंड्स की कुल संपत्ति में भारत की हिस्सेदारी 0.64 फीसदी से बढ़कर 1 फीसदी के पार हो गई है।
SIPs की वजह से आम निवेशकों में उछाल
वर्तमान में ज्यादा लोग सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश कर रहे हैं। इसकी एक वजह वित्तीय जागरूकता का बढ़ना है, वहीं डिजिटल माध्यमों से अब निवेश करना बेहद आसान हो गया है।
इसके अलावा, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) जैसे नियामक संस्थानों की विश्वसनीयता बढ़ने से निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है, जिससे निवेश का रास्ता और खुल गया है। भारत के म्यूचुअल फंड एसेट्स अभी भी देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के केवल 13.7 फीसदी के बराबर हैं, जबकि वैश्विक औसत करीब 64.7 फीसदी है।
अभी भी बड़ी संख्या में लोग इसमें जुड़ सकते हैं और इसके बढ़ने की काफी संभावना है। इतना ही नहीं, निवेशकों की संख्या मार्च, 2021 के 2.3 करोड़ से बढ़कर मार्च, 2026 तक 6.1 करोड़ हो चुकी है। साथ ही, हर महीने होने वाले SIP निवेश ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं।