भारतीय IT कंपनियां खर्च घटाने के लिए नहीं कमाई के लिए कर रहीं AI का इस्तेमाल
भारत की LTM, कोफोर्ज और हेक्सावेयर जैसी मध्यम आकार की IT कंपनियां आर्टिफिशियल् इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल केवल खर्च घटाने तक ही नहीं कर रहीं, बल्कि इससे पैसा कमाने के नए-नए तरीके भी खोज रही हैं।
दरअसल, ऑटोमेशन की वजह से पारंपरिक तकनीकों वाली सेवाएं तेजी से बदल रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ये कंपनियां अब बाजार में AI सब्सक्रिप्शन और क्लाइंट्स के लिए कस्टमाइज्ड टूल्स जैसे नए विकल्प ला रही हैं।
कंपनियों ने AI से जुड़ी नई पेशकशें उतारी
LTM ने हाल ही में वनटोकन नाम का एक प्लेटफॉर्म शुरू किया है, जहां क्लाइंट्स कई AI टूल्स को एक ही सब्सक्रिप्शन में ले सकते हैं। कोफोर्ज का AI लॉन्चपैड एक ऐसा सिस्टम है, जो ग्राहकों को खुद AI टूल्स बनाने, उनमें बदलाव करने और उन्हें लागू करने की सुविधा देता है।
दूसरी तरफ, हेक्सावेयर की जीरो लाइसेंस में महंगे सॉफ्टवेयर लाइसेंस की जगह AI एजेंट्स का इस्तेमाल होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से मध्यम आकार की IT कंपनियां बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर पाएंगी और इस उद्योग में हो रहे तेज बदलावों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकेंगी।