कच्चे तेल की गिरावट से भारत समेत एशियाई बाजारों में दिखी बढ़त
आज भारतीय बाजारों की शुरुआत स्थिर रहने की उम्मीद है, जहां गिफ्ट निफ्टी 24,164 पर टिका हुआ है। वैश्विक स्तर पर माहौल थोड़ा मिला-जुला है। असल में, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों के बाद एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत छोड़ दी है।
इस वजह से बाजार की उम्मीदें थोड़ी कमजोर पड़ी हैं। फिर भी, एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पोनमुडी आर का मानना है कि अगर, मध्यस्थता की कोशिशें जारी रहीं तो कूटनीतिक प्रगति की उम्मीद अभी भी बची है।
कोस्पी और निक्केई में आया उछाल
दुनियाभर की अनिश्चितता के बावजूद एशियाई शेयर बाजार मजबूती दिखा रहे हैं। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2 फीसदी से ज्यादा उछल गया और जापान का निक्केई भी 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। इस उछाल की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी भी है।
पिछले सप्ताह भारतीय बाजार के निफ्टी 50 और सेंसेक्स ने भी शानदार बढ़त दर्ज की थी। कच्चे तेल के दाम 7 फीसदी तक गिरकर 80 डॉलर (करीब 7,600 रुपये) प्रति बैरल से नीचे आ गए। यह गिरावट काफी समय से देखी जा रही है। कच्चे तेल की इस नरमी से निवेशकों को राहत मिली है।
यही वजह है कि विदेशी निवेशकों ने 3,386 करोड़ रुपये और घरेलू निवेशकों ने 7,108 करोड़ रुपये बाजार में लगाए। इसके अलावा, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 3 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 3.3 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।