भारतीय शराब के निर्यात में जबरदस्त इजाफा, पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ा
क्या है खबर?
भारत का शराब उद्योग धीरे-धीरे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। अंगूर के अलावा अन्य फलों से बनी शराब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लोकप्रियता हासिल कर रहा है। घरेलू बिक्री में सुस्ती के कारण भारतीय वाइन निर्माता निर्यात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। GTRI के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष के 7 महीनों में निर्यात उच्चतम स्तर 67 लाख डॉलर (करीब 60 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक है।
जामुन
जामुन से बनी शराब भी हुई लोकप्रिय
नासिक स्थित सुला वाइनयार्ड्स अंगूर से बनी वाइन के क्षेत्र में अग्रणी है, लेकिन इसके अलावा दूसरे फलों से बनी शराब बाजार में अन्य खिलाड़ी भी अपनी पहचान बना रहे हैं। हाल ही में जामुन से बनी भारतीय शराब 'करी फेवर' की 800 पेटियों की एक खेप मुंबई से न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी को निर्यात की गई। यह पहली बार है, जब नासिक स्थित सेवन पीक्स वाइनरी में जामुन से बनी कोई भारतीय शराब निर्यात की जा रही है।
निर्यात
इन देशों में हो रहा निर्यात
भारतीय शराब संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार अपनी जगह बना रही हैं। इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर तक की बिक्री पिछले वर्ष के 58 लाख डॉलर (करीब 52 करोड़ रुपये) के कुल आंकड़े को पार कर चुकी है। कश्मीरी सेब और अल्फोंसो आम से बनी शराब जैसी अन्य गैर-अंगूर वाइन का भी कम मात्रा में निर्यात किया गया, लेकिन काफी महत्वपूर्ण है।