AI के दौर में IT कंपनियां छोटे सौदों से कर रहीं बड़ी कमाई
भारतीय IT कंपनियां अब अपनी रणनीति बदल रही हैं। बड़े, कई सालों तक चलने वाले सौदों का इंतजार करने के बजाय उनका ध्यान अब 10 लाख डॉलर से 2 करोड़ डॉलर (करीब 9-190 करोड़ रुपये) तक के छोटे, कम अवधि के अनुबंध पर है।
ग्राहकों के सतर्क रवैए के कारण, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लगातार बदलते माहौल में HCL टेक्नोलॉजीज और कोफोर्ज जैसी कंपनियां इन छोटे प्रोजेक्ट्स के जरिए नए ग्राहकों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज कर रही हैं।
छोटे सौदे दे रहे भरोसेमंद आय
ये छोटे सौदे कंपनियों का मुनाफा बढ़ा रहे हैं और आय को भी ज्यादा भरोसेमंद बना रहे हैं। इसके साथ ही, विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरीके से IT कंपनियां ज्यादा लचीली बनी रहती हैं और क्लाइंट्स की मौजूदा जरूरतों के ज्यादा करीब रहती हैं।
इक्विरस कैपिटल के प्रबंध निदेशक (टेक एंड डिजिटल) संदीप गोगिया बताते हैं, "AI अब पारंपरिक, ज्यादा मेहनत वाले कामों के मूल्य को कम कर रहा है, वहीं, ग्राहक बड़े और कई साल तक चलने वाले बदलावों से जुड़े प्रोग्राम्स में तुरंत पैसा लगाने से हिचकिचा रहे हैं। इसीलिए IT कंपनियां अपनी ग्रोथ बनाए रखने और AI के नए बजट्स में अपनी जगह बनाने के लिए ज्यादा पायलट प्रोजेक्ट्स, डिस्कवरी एंगेजमेंट्स, इम्प्लीमेंटेशन मॉड्यूल और छोटे समय के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं।"