RBI की नीतिगत घोषणा से पहले भारतीय बॉन्डों को मिली थोड़ी राहत
सोमवार (5 अक्टूबर) को भारतीय सरकारी बॉन्ड स्थिर बने रहे। इस दौरान बेंचमार्क 6.94 फीसदी वाले 2036 बॉन्ड की यील्ड 7.2127 फीसदी पर टिकी रही।
बुधवार (7 अक्टूबर) को आने वाले RBI के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जिसमें 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान हो सकता है।
यह ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक बॉन्ड यील्ड बढ़ रहे हैं और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर (करीब 9,500 रुपये) प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। पिछले शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण बॉन्ड बाजार बंद रहा था।
राज्यों की उधार लेने की योजना
राज्यों ने इस तिमाही में बॉन्ड जारी करके 3,610 अरब रुपये उधार लेने की योजना बनाई है, जिससे बाजार में बॉन्ड की सप्लाई बढ़ सकती है और डिमांड पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आने से ट्रेडर्स को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, ऐसी चर्चाएं अभी भी बनी हुई हैं कि RBI बैंकों में मौजूद अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा सकता है, जिसके लिए वह आगे और ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMOs) के तहत बॉन्ड बेच सकता है।