भारतीय कंपनियां अब AI हुनर वाले पेशेवरों पर लगा रही दांव
एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि भारत की कंपनियां अब अपनी भर्ती की रणनीति बदल रही हैं। वे अब सिर्फ कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तैयारी और विशेष हुनर वाले लोगों को ज्यादा महत्व दे रही हैं।
इस समय सबसे ज्यादा मांग 3 से 8 साल का अनुभव रखने वाले पेशेवरों की है। कंपनियों का जोर अब सिर्फ पद भरने पर नहीं, बल्कि एक ऐसी स्मार्ट और तेज भर्ती प्रक्रिया पर है, जो पूरी तरह से स्पष्ट हो।
मंजूरी में देरी की वजह से कम हुई भर्ती
लगभग 80 फीसदी संगठनों ने अपनी तय योजना के मुकाबले कम नियुक्तियां कीं। इसकी मुख्य वजह मंजूरी मिलने में देरी और प्रक्रिया से जुड़ी समस्याएं थीं। जिन कंपनियों को इस मामले में सफलता मिली, उनके पास अच्छी प्रतिभाओं का एक मजबूत पूल पहले से तैयार था और उन्होंने तेजी से फैसले भी लिए हैं। भले ही अभी सिर्फ 8 फीसदी कंपनियां AI साक्षरता की जांच करती हों, लेकिन यह आंकड़ा तेजी से बदलने की उम्मीद है।
ऐसा इसलिए क्योंकि 2027 तक इन कौशलों की मांग दोगुनी हो सकती है। अधिकांश पदों पर वेतन वृद्धि सामान्य ही है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण भूमिकाओं के लिए अब अतिरिक्त वेतन पैकेज दिए जा रहे हैं।