कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट
बिज़नेस
इस सप्ताह भारतीय बॉन्ड्स को अच्छी मजबूती मिली। इसकी सबसे बड़ी वजह ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतों का 80 डॉलर (करीब 7,600 रुपये) प्रति बैरल से नीचे आना रहा।
इसी के चलते बेंचमार्क 10-वर्षीय बॉन्ड पर यील्ड 6.7793 फीसदी तक फिसल गई। कतर और अमेरिका के अधिकारियों ने शांति वार्ता में प्रगति के संकेत दिए, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर बनी रुकावट की आशंकाएं भी कम हुईं।
मौजूदा ब्याज दर बरकरार रहने की उम्मीद
अब बाजार की नजरें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा पर टिकी हैं। ज्यादातर जानकारों को उम्मीद है कि RBI नीतिगत ब्याज दरों को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखेगा।
जून में महंगाई दर 4.38 फीसदी तक बढ़ने के कारण बाजार अब देश में महंगाई के भविष्य और पूंजी प्रवाह को बढ़ाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर RBI के बयान का इंतजार कर रहा है।