फेड के संकेतों के कारण भारत की बॉन्ड यील्ड 6.94 फीसदी के पार
सोमवार (31 अगस्त) को भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार में गिरावट देखी गई। इसके चलते 10 साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर 6.9480 फीसदी पर पहुंच गई।
दरअसल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श ने संकेत दिए हैं कि अगर, अमेरिका में महंगाई 2 फीसदी के करीब पहुंचती है तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है।
उनकी इस बात ने अमेरिका में सख्त मौद्रिक नीतियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिसका असर भारत समेत दुनियाभर के बाजारों पर पड़ रहा है।
कच्चा तेल 90 डॉलर के पार
वॉर्श की इन टिप्पणियों ने सितंबर में अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को काफी बढ़ा दिया है, जो पहले 35 फीसदी थी और अब 60 फीसदी हो गई है।
इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में भी बढ़ोतरी हुई है और डॉलर मजबूत हुआ है। इतना ही नहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बढ़ते तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर (करीब 8,550 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
इस वजह से भारत के लिए महंगाई की चिंताएं और बढ़ गई हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी संकेत दिए हैं कि अगर, कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो वह भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इसलिए आने वाले समय में बाजार में कुछ उठा-पटक देखने को मिल सकती है।