2028 तक बनेगा भारत का पहला सेमीकंडक्टर वेफर, अश्विनी वैष्णव ने की घोषणा
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकॉन इंडिया 2026 में घोषणा की है कि देश का पहला सेमीकंडक्टर वेफर 2028 तक धोलेरा प्लांट में बनेगा।
यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जिसमें हम केवल क्षमता निर्माण से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर उत्पादन की ओर बढ़ रहे हैं।
यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वैष्णव ने उस ऐतिहासिक पहले वेफर के लिए अपने दफ्तर में एक जगह पहले से ही तय कर रखी है।
200 चिप-डिजाइन कंपनियों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का धोलेरा प्लांट भारत की चिप निर्माण क्षमता को और मजबूत करेगा। यह देश में पहले से मौजूद 5 अन्य असेंबली और टेस्टिंग यूनिट्स के साथ मिलकर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करेगा।
केंस और CDIL जैसी कंपनियों की मांग में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे उन्हें तेजी से विस्तार करने में मदद मिल रही है।
इसी बीच, सेमीकॉन 2.0 का मकसद भारत में कम से कम 200 चिप-डिजाइन कंपनियों को आगे बढ़ाना है। अब तक 105 से ज्यादा कंपनियां सामने आ चुकी हैं, जिनमें से 20 को वेंचर कैपिटल फंडिंग मिली है। यह अगले 2 दशकों में भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है।