भारत ने 5G रेडिएशन की सीमा में दी ढील, अब सेवा का विस्तार होगा आसान
भारत अगले महीने से 5G रेडिएशन की सीमा को 5 से बढ़ाकर 10W प्रति वर्ग मीटर कर रहा है, जिससे यह आखिरकार अंतरराष्ट्रीय मानकों के बराबर हो जाएगी।
इस फैसले से टेलीकॉम कंपनियों की उस मांग को पूरा किया गया है, जिसमें वे नियमों को आसान बनाने की बात कर रही थीं। अब पूरे देश में 5G नेटवर्क का विस्तार करना ज्यादा आसान और सस्ता हो जाएगा।
कंपनियों का अतिरिक्त खर्च घटेगा
रेडिएशन की सीमा बढ़ने से अब हर टावर ज्यादा बड़े इलाके को कवर कर पाएगा। इसका मतलब है कि कम टावरों की जरूरत होगी और नेटवर्क लगाने का खर्च भी कम हो जाएगा।
इस बदलाव से वोडाफोन-आइडिया (VI) को अपनी 5G सेवा का विस्तार जारी रखने में सहूलियत मिलेगी, वहीं भारती एयरटेल और रिलायंस जियो जैसी कंपनियों को भी फायदा होगा।
उनका अतिरिक्त पूंजीगत खर्च कम होगा और वे अपनी मौजूदा जगहों का और बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर पाएंगे। अब तक भारत के नियम काफी सख्त थे, जिसकी वजह से यूरोपियन यूनियन (EU) या जापान जैसे देशों के मुकाबले यहां 5G का विस्तार करना मुश्किल था।