भारतीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मॉस्को में EAEU संग वार्ता की तैयारी
भारत इस महीने मास्को में यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के साथ मुक्त व्यापार वार्ता का दूसरा दौर शुरू करने जा रहा है। इस बातचीत में कई अहम मुद्दे शामिल होंगे।
माल और कस्टम्स के नियमों से लेकर कानूनी ढांचे तक हर पहलू पर चर्चा की जाएगी। इसका मकसद भारत और रूस, कजाकिस्तान, आर्मेनिया, बेलारूस और किर्गिस्तान जैसे EAEU देशों के बीच व्यापार को और आसान बनाना है।
निर्यात नियमों को आसान बनाने पर जोर
भारत निर्यात नियमों को सरल करना चाहता है। इसकी कोशिश है कि वह कड़े खाद्य सुरक्षा और तकनीकी मानकों को सरल करे। ऐसा करके वह समुद्री भोजन, कृषि उत्पाद, कार, इलेक्ट्रॉनिक्स और दवाओं जैसे सामानों के निर्यात को बढ़ावा देना चाहता है।
पिछले साल रूस के साथ व्यापार 68.7 अरब डॉलर (करीब 6,400 अरब रुपये) तक पहुंच गया था, जिसमें ज्यादातर कच्चा तेल था। भारत को उम्मीद है कि ये बातचीत रूस के साथ कुल द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 100 अरब डॉलर (करीब 9,000 अरब रुपये) तक पहुंचाने में मदद करेगी।
इसके अलावा, लेबलिंग को सरल बनाने और नियमों को एक समान करने जैसे मुद्दों पर भी बातचीत होगी। इससे भारतीय उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचने में आसानी होगी।