सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए श्रीलंका के साथ टैक्स संधि के नियम बदले
भारत ने श्रीलंका के साथ अपनी टैक्स संधि में बदलाव किया है। सरकारी खजाने को होने वाले नुकसान को रोकने और गलत तरीके से फायदा उठाने वालों पर लगाम कसने के लिए यह कदम उठाया गया है।
1 अप्रैल, 2027 से लागू होने वाले ये नए नियम दोहरे कराधान (डबल टैक्सेशन) से बचने का लक्ष्य रखते हैं, यानि एक ही कमाई पर 2 बार टैक्स नहीं देना होगा।
इससे कंपनियों या व्यक्तियों के लिए टैक्स बचाने की खातिर एक देश से दूसरे देश में लेन-देन करना कठिन हो जाएगा। वित्त मंत्रालय ने इस संशोधित प्रोटोकॉल को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है।
PPT से नहीं मिलेंगे संधि के फायदे
इस संधि में सबसे बड़ा बदलाव 'प्रिंसिपल पर्पस टेस्ट' (PPT) को शामिल करना है। इसके तहत टैक्स अधिकारियों को यह अधिकार मिल गया है कि अगर, उन्हें लगता है कि किसी कंपनी या व्यक्ति का मुख्य मकसद सिर्फ टैक्स बचाना है और दोनों देशों के बीच वास्तव में कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं हो रही तो वे उन्हें संधि का लाभ देने से मना कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे 'ट्रीटी शॉपिंग' पर अंकुश लगेगा और भारत वैश्विक मानकों के अनुरूप हो जाएगा। चिली, ईरान और हांगकांग जैसे देशों के साथ पहले से ही इसी तरह के नियम लागू हैं।