सरकार की विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स में छूट को संसद में मंजूरी दिलाने की तैयारी
भारत सरकार विदेशी निवेश आकर्षित करने और देश में ही सामानों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नए टैक्स सुधारों पर संसद की मंजूरी मांगेगी।
इस प्लान के तहत, जो विदेशी निवेशक भारत के सरकारी बॉन्ड्स खरीदेंगे, उन्हें टैक्स में कटौती का फायदा मिलेगा। इसके अलावा, भारत से मैनेज होने वाले ऑफशोर फंड्स को भी नए सिरे से टैक्स छूट देने का प्रस्ताव है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को दुनिया का एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहते हैं। साथ ही, उनका लक्ष्य है कि जब दुनिया की अर्थव्यवस्था कमजोर पड़े, तब भी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत रहे। ये सारे कदम उसी दिशा में उठाए जा रहे हैं।
टैक्स फायदे मिलने में हो सकती है देरी
इन प्रस्तावों में इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनियों (मोबाइल और लैपटॉप निर्माता) को मिलने वाले टैक्स हॉलिडे (अस्थायी छूट) को अगले 10 सालों तक बढ़ाने का जिक्र है।
साथ ही, विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों से होने वाली कमाई पर भी टैक्स में छूट मिलेगी। इसके अलावा, विदेशों से सामान सप्लाई करने वाले, डाटा सेंटर्स और हीरा खनन जैसे सेक्टर्स के लिए भी कुछ और खास रियायतें तय की गई हैं।
एक दिक्कत यह है कि संसद का सत्र जल्द ही खत्म होने वाला है। छात्रों के मुद्दों को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों की वजह से भी इन सुधारों के कानून बनने में देरी होने की आशंका है।