भारत की GDP में दिसंबर तिमाही में दर्ज हुई 7.8 प्रतिशत की वृद्धि
क्या है खबर?
भारत की अर्थव्यवस्था दिसंबर तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह बढ़त रियल यानी महंगाई को घटाकर निकाली गई है। इसी अवधि में नॉमिनल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 8.9 प्रतिशत बढ़ी, जिसमें महंगाई शामिल रहती है। भारत सरकार ने यह आंकड़े वित्त वर्ष 2025-26 के दूसरे एडवांस अनुमान के साथ जारी किए। पूरे FY26 के लिए रियल जीडीपी 7.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जो FY25 के 7.1 प्रतिशत से ज्यादा है।
सीरीज
GDP की नई सीरीज क्या है?
सरकार ने GDP मापने का आधार वर्ष बदल दिया है और नई गणना पद्धति लागू की है। पहले 2011-12 को बेस ईयर माना जाता था, अब 2022-23 को नया बेस ईयर बनाया गया है। बेस ईयर वह साल होता है, जिससे तुलना कर ग्रोथ निकाली जाती है और कीमतों का असर अलग होता है। समय के साथ अर्थव्यवस्था का ढांचा बदलता है, इसलिए बेस ईयर बदलकर नए हालात के अनुसार सही और ताजा तस्वीर दिखाने की कोशिश की जाती है।
आंकड़े बदले
कौन से आंकड़े बदले और क्यों?
नई सीरीज में GST डाटा, ई-वाहन रजिस्ट्रेशन और सरकारी भुगतान सिस्टम जैसे ताजा और डिजिटल स्रोतों का ज्यादा इस्तेमाल किया गया है। मैन्युफैक्चरिंग और खेती जैसे प्रमुख सेक्टर में डबल डिफ्लेशन तरीका अपनाया गया है, जिससे उत्पादन और कीमतों का अलग-अलग असर समझा जा सके। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से ग्रोथ और अलग-अलग सेक्टर की स्थिति की ज्यादा सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी और अनौपचारिक क्षेत्र का भी पहले से बेहतर और विस्तृत आकलन हो सकेगा।
अपडेट
पुराने सालों के आंकड़े भी अपडेट
बेस ईयर बदलने के बाद पिछले सालों के आंकड़े भी संशोधित हुए हैं और नई पद्धति के अनुसार दोबारा गिने गए हैं। FY24 में रियल GDP 7.2 प्रतिशत और FY25 में 7.1 प्रतिशत बढ़ी थी। FY25 में नॉमिनल ग्रोथ 9.7 प्रतिशत रही है। सेक्टर के हिसाब से FY25 में प्राइमरी सेक्टर 4.9 प्रतिशत, सेकेंडरी 8.0 प्रतिशत और सर्विस सेक्टर 7.9 प्रतिशत बढ़ा है। FY26 के अंतिम और विस्तृत अनुमान 29 मई, 2026 को आधिकारिक रूप से जारी किए जाएंगे।