भारत की रवांडा में खनिजों के खनन में सहयोग के लिए साझेदारी की तैयारी
भारत ने रवांडा के साथ टिन, टंगस्टन और टैंटलम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के खनन में सहयोग करने की इच्छा जताई है।
ये खनिज इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सेमीकंडक्टर और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए बेहद जरूरी हैं।
यह इच्छा नई दिल्ली में हुई पहली संयुक्त व्यापार समिति की बैठक के दौरान सामने आई। इसमें भारत ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और रवांडा के खान, पेट्रोलियम और गैस बोर्ड के बीच संस्थागत सहयोग का प्रस्ताव रखा।
अंतिम चरण में दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य समझौता
खनन के अलावा, भारत पहले से ही रवांडा की कुल दवाओं का लगभग 24.5 फीसदी हिस्सा आपूर्ति करता है। दोनों देशों के बीच एक स्वास्थ्य समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षर के अंतिम चरण में है।
रवांडा एग्रो-प्रोसेसिंग और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी अधिक सहयोग के लिए भारत को आमंत्रित कर रहा है। वह खुद को बड़े अफ्रीकी बाजारों तक पहुंचने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में पेश कर रहा है।
दोनों देशों के बीच अगली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक 2027 में रवांडा में होनी तय है। इस बैठक में यह देखा जाएगा कि उन्होंने मिलकर कितनी प्रगति की है।