CEPA से 3 साल में ओमान में भारतीय वस्तुओं का निर्यात 50 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद
भारत और ओमान के बीच हाल ही में हुआ एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) सोमवार (1 जून) को दोपहर 2 बजे से लागू हो रहा है। इस समझौते का मकसद अगले 3 सालों में ओमान को होने वाले भारत के माल निर्यात में 50 फीसदी की बढ़ोतरी करना है।
यह समझौता कपड़ा, रत्न और आभूषण, दवाइयों और इंजीनियरिंग जैसे कई अहम क्षेत्रों को खासकर फायदा देगा। इससे देश में नए रोजगार के अवसर और आर्थिक तरक्की के रास्ते भी खुलने की उम्मीद है।
ओमान में नहीं लगेगा भारतीय उत्पादों पर टैक्स
ओमान ने भारत के लगभग सभी उत्पादों को अपने बाजार में ड्यूटी-फ्री एंट्री दी है। इसका मतलब है कि भारतीय व्यापारियों के लिए ओमान में अपने सामान पहुंचाना अब आसान हो जाएगा और उन्हें कम रुकावटों का सामना करना पड़ेगा।
हालांकि, दूध और चाय जैसी कुछ वस्तुओं को इस सुविधा से बाहर रखा गया है, ताकि ओमान के स्थानीय उद्योगों को कोई नुकसान न हो। इसके अलावा, भारतीय कंपनियां अब वहां के सर्विस सेक्टर जैसे- टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर में पूरी तरह निवेश कर सकती हैं। साथ ही, भारतीय पेशेवरों की आवाजाही भी आसान होगी।
दोनों देशों के बीच व्यापार का आंकड़ा पहले से ही 10 अरब डॉलर (करीब 900 अरब रुपये) से ज्यादा है। यह नया समझौता खाड़ी क्षेत्र में भारत और ओमान के आर्थिक रिश्तों को और गहरा और मजबूत बनाएगा।