भारत की डीप-टेक में 25 अरब डॉलर का फंड लॉन्च करने की तैयारी
भारत अपने डीप-टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने, अमेरिकी और चीनी तकनीक पर निर्भरता कम करने के लिए 25 अरब डॉलर (करीब 2,400 अरब रुपये) का एक बड़ा फंड लॉन्च करने की तैयारी में है।
इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर्स और स्पेस टेक जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जाएगा।
सरकार ने इस फंड में 11 अरब डॉलर (करीब 1,000 अरब रुपये) लगाने का वादा पहले ही कर दिया है। बाकी की रकम जुटाने में निजी निवेशक मदद करेंगे, ताकि तय लक्ष्य पूरा किया जा सके।
अमेरिका की तुलना में बहुत कम रहा निवेश
भारत में डीप-टेक का क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन अमेरिका जैसे देशों की तुलना में इसमें फंडिंग की अभी भी एक बड़ी कमी है। 2025 में देश के डीप-टेक सेक्टर ने केवल 3 अरब डॉलर (करीब 285 अरब रुपये) जुटाए, जबकि अमेरिकी डीप-टेक स्टार्टअप्स ने 136 अरब डॉलर (करीब 13,000 अरब रुपये) जुटाए।
इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेटिव कैपिटल एसोसिएशन (IVCA) के अध्यक्ष रजत टंडन का कहना है कि भारत में केवल 2 फीसदी निवेशक ही एक करोड़ डॉलर (करीब 95 करोड़ रुपये) से ज्यादा का निवेश कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि धनी व्यक्तियों और फैमिली ऑफिस को जोखिम लेने की अपनी क्षमता बढ़ानी होगी। उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा धनी व्यक्ति लंबे समय तक निवेश के लिए आगे आएंगे।