कांडला में देश के पहले ई-मेथनॉल प्लांट की नींव रखी, 2300 करोड़ रुपये होंगे खर्च
स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने एक बड़ा कदम उठाया है। कांडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह में देश के पहले पोर्ट-आधारित ई-मेथनॉल प्लांट का शिलान्यास किया गया है। गुजरात और असम के नेताओं ने मिलकर इसकी नींव रखी।
यह प्लांट हर दिन 150 टन ग्रीन ई-मेथनॉल बनाएगा। इसे बनाने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी, पानी और बायोजेनिक कार्बन डाइऑक्साइड का इस्तेमाल होगा, जिससे बड़े पैमाने पर प्रदूषण कम होगा।
3,500 से ज्यादा लोगों को मिलेगी नौकरी
2,300 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण और असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड की साझेदारी से बनेगा। इसे कई चरणों में पूरा किया जाएगा।
शुरुआत में जनवरी, 2027 तक हर दिन 50 टन ई-मेथनॉल का उत्पादन शुरू हो जाएगा। मार्च, 2027 तक यह प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम करने लगेगा।
इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य एशिया-यूरोप के व्यापार मार्गों को बढ़ावा देना है। साथ ही, इससे 3,500 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी मिलेगा। प्लांट से मिलने वाला ई-मेथनॉल 750 डॉलर (करीब 71,000 रुपये) प्रति टन की दर पर उपलब्ध होगा, जो वैश्विक बाजार की मौजूदा कीमत से काफी कम है। यह भारत के नेट जीरो लक्ष्यों की ओर एक अहम कदम है और मेक इन इंडिया मिशन को भी मजबूती देगा।