भारत ने 10 सालों में जापान से करीब 6,000 अरब रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा
भारत और जापान अपने रिश्तों को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के बड़े अवसरों को उजागर किया है।
पिछले वित्त वर्ष (2025-26) में दोनों देशों का आपसी व्यापार करीब 27.5 अरब डॉलर (करीब 2,600 अरब रुपये) रहा, वहीं अगले 10 सालों में जापान से भारत में 10,000 अरब येन (करीब 6,000 अरब रुपये) का निवेश करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह निवेश खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर्स, क्रिटिकल मिनरल्स, बैटरी, एनर्जी और अगली जनरेशन की मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगा।
निवेश 2047 के सपने को देगा ताकत
गोयल का कहना है कि यह निवेश भारत के 2047 तक के विकास के बड़े सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। जापान पहले से ही देश का एक प्रमुख भागीदार रहा है।
सुजुकी और टोयोटा जैसी ऑटोमोबाइल कंपनियां हों या फिर बुलेट ट्रेन और मेट्रो सिस्टम जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स दोनों देश मिलकर इन्हें आगे बढ़ा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश भी जापानी कंपनियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन रहा है क्योंकि यहां की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और यहां का कार्यबल भी बहुत काबिल है।