सरकार की पॉलीसिलिकॉन का उत्पादन बढ़ाने के लिए PLI योजना लाने की तैयारी
भारत सरकार सौर पैनल बनाने में काम आने वाले पॉलीसिलिकॉन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक नई प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना तैयार कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य चीन से पॉलीसिलिकॉन के आयात पर देश की निर्भरता कम करना है।
इसके साथ ही, यह देश को रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में अपने बड़े लक्ष्यों को पूरा करने में भी मदद करेगी। सरकार ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
इस योजना के तहत सरकार का इरादा है कि तब तक देश में कम से कम 30 गीगावाट पॉलीसिलिकॉन का उत्पादन शुरू हो जाए। उम्मीद है कि इस प्रयास से लगभग 25,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा।
कच्चे माल के आयात पर निर्भरता
भारत में अब सौर ऊर्जा रिन्यूएबल एनर्जी का सबसे बड़ा स्रोत बन गई है। जून तक देश की सौर ऊर्जा क्षमता 162 गीगावाट तक पहुंच गई है। हालांकि, इतनी प्रगति के बावजूद पॉलीसिलिकॉन, इनगोट्स और वेफर्स जैसे 90 प्रतिशत से ज्यादा कच्चे माल अभी भी विदेशों से मंगाए जाते हैं। इनमें से भी ज्यादातर सामान चीन से आता है, जिसकी इस क्षेत्र के वैश्विक उत्पादन पर पूरी पकड़ है।
दरअसल, देश में पॉलीसिलिकॉन का निर्माण अब तक बहुत मुश्किल रहा है क्योंकि इसकी लागत काफी अधिक होती है और इसे बनाने के लिए भारी मात्रा में बिजली की जरूरत पड़ती है, लेकिन सरकार की यह नई योजना इस स्थिति को बदलने की उम्मीद दिला रही है।