भारत की केले में FDI बढ़ाने की योजना, निर्यात में होगा इजाफा
भारत केले के बागानों में और ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति देने पर सोच रहा है। मौजूदा नियमों के मुकाबले यह एक बड़ा बदलाव होगा।
इसका मकसद है कि विदेशों से आसानी से पैसा आ सके, जिससे केले का निर्यात और बढ़ जाए। साथ ही, भारत दुनिया के कृषि बाजार में अपनी पहचान और मजबूत कर सके।
केवल एक फीसदी केला होता है निर्यात
भारत दुनिया में सबसे ज्यादा केले उगाता है, हर साल 3 करोड़ मीट्रिक टन से भी ज्यादा केले का उत्पादन होता है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें से केवल एक फीसदी ही दुनिया के बाजारों तक पहुंच पाता है।
2024-25 में केले का निर्यात 30 फीसदी उछलकर 37.75 करोड़ डॉलर (करीब 3,500 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया।
सरकार को उम्मीद है कि नए निवेश से यह आंकड़ा जल्द ही एक अरब डॉलर (करीब 95 अरब रुपये) तक पहुंच जाएगा।
देश में ज्यादातर केले आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में उगते हैं। फिलहाल भारत ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इराक जैसे देशों को केले निर्यात करता है। अब अमेरिका, चीन और जापान जैसे बड़े बाजारों तक भी पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।