भारत ने दूसरी तिमाही में किया 536 अरब यूनिट का रिकॉर्ड बिजली उत्पादन
ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (CREA) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में भारत ने 536 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन किया, जो पिछले साल के मुकाबले 11 फीसदी ज्यादा है।
इस दौरान बिजली की अधिकतम मांग भी रिकॉर्ड 270 गीगावाट (GW) पर पहुंच गई, जो पिछले साल से 18 फीसदी अधिक है।
खास बात यह है कि कोयला से चलने वाले पावर प्लांट पूरी क्षमता से नहीं चल रहे थे। इससे पता चलता है कि जैसे-जैसे रिन्यूएबल एनर्जी का विस्तार हो रहा है। बिजली उत्पादन में अभी और इजाफे की गुंजाइश है।
रिन्यूएबल एनर्जी 100 अरब यूनिट के पार
यह तिमाही ग्रीन एनर्जी के लिए काफी अहम रही है। पहली बार रिन्यूएबल एनर्जी (बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को छोड़कर) ने 100 अरब यूनिट का आंकड़ा पार किया है।
इस दौरान सोलर पावर में 39 फीसदी और पवन ऊर्जा में 29 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी देखी गई। कुल बिजली उत्पादन में सौर ऊर्जा का हिस्सा अब रिकॉर्ड 10 फीसदी हो गया है।
परमाणु और बड़े हाइड्रोपावर समेत अन्य गैर-जीवाश्म स्रोतों से भी 177 अरब यूनिट बिजली का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। हालांकि, भारत के कुल ऊर्जा उत्पादन में थर्मल पावर अभी भी 64 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है।