भारतीय उद्योगों के लिए खुलेंगे करीब 28 लाख अरब रुपये के व्यापार के नए रास्ते
इस सप्ताह नई दिल्ली में भारत और अमेरिका एक नए अंतरिम व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसका मकसद है कि भारतीय निर्यात वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के मुकाबले ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सके, वहीं अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार तक बेहतर पहुंच मिल पाए।
यह बातचीत तब फिर से शुरू हुई है, जब पिछली शुल्क व्यवस्था को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया था।
नई टैरिफ व्यवस्था हो रही तैयार
दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि मंडल के सहायक ब्रेंडन लिनच और भारतीय अधिकारी दर्पण जैन की अगुआई वाली टीमें एक नई टैरिफ व्यवस्था तैयार कर रही हैं, जो सभी कानूनी नियमों के अनुरूप हो।
अगर, 4 जून तक सबकुछ योजना के मुताबिक रहा तो भारतीय उद्योगों- टेक्सटाइल, चमड़ा उत्पादों और ऑर्गेनिक केमिकल्स को 30,000 अरब डॉलर (करीब 28 लाख अरब रुपये) के बाजार में काफी फायदा मिल सकता है।
फिलहाल, दोनों पक्ष अंतिम नियमों को तय करने में जुटे हैं, तब तक 24 जुलाई तक 10 फीसदी का अस्थायी टैरिफ लागू रहेगा। यह समझौता जल्द ही दोनों देशों के बीच व्यापार को सुचारू बना सकता है।