भारत-EU ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने की बनाई योजना
भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने हाल ही में नई दिल्ली में एक बैठक की है। इसमें उन्होंने इस बात पर गहराई से चर्चा की है कि दोनों पक्ष कार्बन उत्सर्जन के मूल्य निर्धारण और उसकी निगरानी कैसे कर रहे हैं।
बैठक की अगुवाई भारत के विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल और EU के कराधान और सीमा शुल्क संघ के महानिदेशक गेरासिमोस थॉमस ने की।
दोनों पक्षों ने कार्बन बाजारों और EU के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) जैसे क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।
490 औद्योगिक यूनिट्स के लिए उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य
भारत ने अपनी कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना से जुड़ी नई जानकारी साझा की है। इसके तहत अब 490 औद्योगिक यूनिट्स के लिए उत्सर्जन तीव्रता कम करने के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
यह भी बताया कि उसकी कुल 558 गीगावाट (GW) बिजली उत्पादन क्षमता में से 308GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों से आती है, जो कुल क्षमता का आधे से ज्यादा है।
EU ने भारत के इन प्रयासों की सराहना की और CBAM को लेकर अपनी प्रगति की जानकारी दी। जलवायु सहयोग को और बढ़ाने के लिए दोनों पक्ष अब तकनीकी स्तर पर और बातचीत करने की योजना बना रहे हैं।