भारत-EU के बीच FTA से अगले साल आयातित कारें हो जाएंगी सस्ती
भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने एक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पूरी कर ली है। यह समझौता भारत के कार बाजार में बड़ा बदलाव ला सकता है।
यह समझौता 2027 से लागू हो सकता है। इसके बाद, पहले साल में यूरोपीय कार कंपनियां कम आयात शुल्क पर एक लाख तक पूरी तरह से बनी हुई (CBU) इंटरनल-कम्बशन इंजन (ICE) और नॉन-प्लग-इन हाइब्रिड कारें भारत ला सकेंगी।
अगले 10 सालों में यह संख्या बढ़कर 1.6 लाख तक पहुंच जाएगी। इससे भारतीय ग्राहकों को सड़कों पर कार खरीदने के ज्यादा विकल्प मिलेंगे।
कारों पर लगेगा 30-35 फीसदी शुल्क
15,000 यूरो से 35,000 यूरो (करीब 16.5-38.5 लाख रुपये) तक की कीमत वाली कारों पर कोटा के तहत 35 फीसदी शुल्क लगेगा, वहीं 35,000 यूरो से 50,000 यूरो (करीब 38.5-55 लाख रुपये) या उससे ज्यादा महंगी कारों पर थोड़ा कम 30 फीसदी शुल्क लगेगा।
पहले साल के लिए इस कोटा को 3 अलग-अलग मूल्य श्रेणियों में बांटा जाएगा, ताकि हर बजट वाले ग्राहक को विकल्प मिल सकें।
हालांकि, शुद्ध इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड कारें अभी इस समझौते में शामिल नहीं होंगी। इनकी बारी 5वें साल से आएगी, जब 20,000 यूरो (करीब 22 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली इन गाड़ियों के लिए 20,000 यूनिट का एक विशेष कोटा तय किया जाएगा, जो कारें इन कोटे से बाहर होंगी, उन पर फिलहाल ज्यादा शुल्क लगेगी, लेकिन धीरे-धीरे यह भी कम होती जाएगी।