24 जुलाई से पहले हो सकता है भारत-अमेरिका टैरिफ पर अंतिम फैसला
इस सप्ताह नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर बातचीत जारी है।
इस बातचीत की कमान अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल संभाल रहे हैं।
दोनों पक्ष 24 जुलाई की समय सीमा से पहले टैरिफ नियमों को बदलने की कोशिश में लगे हैं। अमेरिका की ओर से लगाई गई यह अस्थायी 10 फीसदी ड्यूटी जैसे ही खत्म होगी, नए मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) टैरिफ लागू हो जाएंगे।
दोनों देशों की टैरिफ कटौती की योजना
अमेरिका, भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को 18 फीसदी तक घटाने को तैयार है, वहीं भारत भी अमेरिकी औद्योगिक, कृषि और ऊर्जा उत्पादों की खरीद पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती की योजना बना रहा है।
भारत का मकसद है कि उसे अमेरिका के बाजार में आसियान (ASEAN) जैसे देशों की तुलना में टैरिफ का बेहतर फायदा मिले, जिससे उसकी बाजार में पकड़ मजबूत हो सके।
दोनों पक्ष ऐसे समझौते पर सहमत होना चाहते हैं, जो सबके लिए फायदेमंद साबित हो। इसे जुलाई के मध्य तक लागू किए जाने की उम्मीद है। इस बातचीत को लेकर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि उनका पूरा ध्यान इस व्यापार समझौते के ढांचे को तैयार करने पर है।