इनकम टैक्स को लेकर 1 अप्रैल से इन नियमों में होगा बदलाव
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने यूनियन बजट 2026 में इनकम टैक्स से जुड़े कई अहम बदलावों की घोषणा की है। इनका मकसद टैक्स भरने की प्रक्रिया को आसान बनाना और लोगों पर नियमों का बोझ कम करना है। सरकार ने नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू करने का फैसला किया है, जो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। हालांकि, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है और मौजूदा दरें ही जारी रहेंगी।
ITR
ITR फाइल करने की तारीख बढ़ाई गई
सरकार ने कुछ टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की समय सीमा बढ़ा दी है। जिन लोगों के खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है और जो ITR-3 या ITR-4 फाइल करते हैं, वे अब 31 अगस्त तक रिटर्न भर सकेंगे। पहले यह समय सीमा कम थी। वहीं ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रहेगी। इसके अलावा, रिवाइज्ड रिटर्न भरने की समय सीमा भी 31 मार्च तक कर दी गई है।
TCS और STT
TCS और STT नियमों में बदलाव
बजट में टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स यानी TCS के नियमों में भी बदलाव किया गया है। कुछ मामलों में TCS दरों को बदला गया है ताकि टैक्स सिस्टम आसान बनाया जा सके। वहीं शेयर बाजार से जुड़े फ्यूचर्स और ऑप्शंस कारोबार पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT में भी बढ़ोतरी की गई है। केंद्र सरकार का कहना है कि इन बदलावों से टैक्स सिस्टम ज्यादा साफ और व्यवस्थित होगा।
निवेश और डिविडेंड
निवेश और डिविडेंड से जुड़े नियम बदले
सरकार ने शेयर बायबैक से मिलने वाली रकम के टैक्स नियमों में भी बदलाव किया है। अब 1 अप्रैल, 2026 से ऐसी रकम पर कैपिटल गेन के रूप में टैक्स लगाया जाएगा। इसके अलावा, डिविडेंड इनकम कमाने के लिए लिए गए लोन के ब्याज पर मिलने वाली कटौती भी खत्म कर दी गई है। यानी अब डिविडेंड से मिलने वाली पूरी आय पर तय टैक्स दर के अनुसार टैक्स देना होगा।