IN-SPACe ने 4 स्टार्टअप्स में 67.15 करोड़ रुपये के निवेश का किया ऐलान
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को एक नई ऊर्जा मिली है। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) ने 4 भारतीय स्टार्टअप्स में 67.15 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया है।
इस निवेश से स्वदेशी सैटेलाइट इंजन और नेविगेशन चिप्स बनाने में मदद मिलेगी। इस पहल का मुख्य मकसद अपनी तकनीक को मजबूत करना और देश के बढ़ते अंतरिक्ष उद्योग में ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को जोड़ना है।
इंजन, घड़ियों और चिप्स के लिए मिला फंड
मनास्टू स्पेस को एक नए आयोडीन-आधारित ईंधन वाले इंजन के लिए 22.08 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह इंजन छोटे सैटेलाइट्स को सस्ता और ज्यादा आसानी से संभालने लायक बनाएगा।
इंस्पेक्सिटी स्पेस लेबोरेटरीज को 21.18 करोड़ रुपये का फंड मिला है। वे ऐसे इंजन पर काम कर रहे हैं, जिससे भविष्य में सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की कक्षा में ही ईंधन भरने की सुविधा मिल सकेगी।
इसी तरह, व्योमआईसी को डीप-स्पेस नेविगेशन के लिए अत्यंत सटीक घड़ियां बनाने के लिए 12.55 करोड़ रुपये मिले हैं, वहीं मुंबईसेमी को एक ऐसी चिप डिजाइन करने के लिए 11.34 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम GPS और भारत के भारतीय तारामंडल के साथ नेविगेशन (NavIC) सिस्टम दोनों के साथ काम कर सकेगी।
आत्मनिर्भरता और निर्यात पर दिया जोर
IN-SPACe के अध्यक्ष डॉ पवन गोयनका ने बताया कि ये निवेश भारत के लिए बेहद अहम हैं। इनके जरिए हम विदेशी तकनीक पर अपनी निर्भरता घटा पाएंगे, ज्यादा अंतरिक्ष सिस्टम का निर्यात कर सकेंगे और भारतीय नवाचार को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिला पाएंगे।