निर्मला सीतारमण ने BRICS देशों से की प्रभावी वैश्विक कर नीति बनाने की अपील
नई दिल्ली में हाल ही में हुई एक बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि BRICS देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) की वैश्विक कर नीति में अब बड़ी पहचान बन रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अभी जो भी फैसले लिए जाएंगे, उनका असर आने वाले कई सालों तक देशों के क्रॉस-बॉर्डर टैक्स से जुड़े मामलों पर पड़ेगा।
BRICS देशों के पास इस संबंध में कुछ नए विचार भी हैं, जो वे दुनिया के सामने रख सकते हैं।
टैक्स सहयोग का प्रस्ताव रखा
साझा टैक्स से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए सीतारमण ने BRICS के लिए कुछ नए वर्किंग ग्रुप बनाने का सुझाव दिया।
ये ग्रुप अंतरराष्ट्रीय टैक्स और ट्रांसफर प्राइसिंग जैसे खास मुद्दों पर काम करेंगे। उन्होंने भारत के उन प्रयासों का भी जिक्र किया, जहां टेक्नोलॉजी की मदद से टैक्स संबंधी समाधान लाए जा रहे हैं।
इसमें फेसलेस असेसमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से चलने वाली टैक्सपेयर सहायता जैसी चीजें शामिल हैं।
इस योजना के तहत BRICS टैक्स नॉलेज हब जैसे माध्यम भी तैयार किए जाएंगे। इससे सदस्य देश एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख पाएंगे और आने वाली बातचीत में अपनी बात मजबूती से रख सकेंगे।