जून में भारतीयों ने विदेशों में खर्च किए करीब 230 अरब रुपये
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत भारतीय लोगों ने जून में 2.5 अरब डॉलर (करीब 230 अरब रुपये) विदेश भेजे। यह पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा है।
विदेश पैसा भेजने की सबसे बड़ी वजह यात्रा थी। कुल भेजी गई रकम का आधे से ज्यादा हिस्सा करीब 1.37 अरब डॉलर (करीब 130 अरब रुपये) इसी काम के लिए था।
पिछले साल के मुकाबले इसमें 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह आंकड़ा हर महीने लगातार बढ़ रहा है।
विदेशी निवेश में भी आया 119 फीसदी उछाल
शिक्षा के लिए भेजे गए पैसों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। मई के मुकाबले इसमें 15 फीसदी का इजाफा हुआ क्योंकि कई छात्र पढ़ाई के लिए विदेश गए।
विदेशी शेयर और बॉन्ड में निवेश भी 119 फीसदी उछलकर 46 करोड़ डॉलर (करीब 4,350 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि देश में रिटर्न कम मिल रहा है और रुपये की कीमत भी गिर रही है, ऐसे में लोग अपने निवेश को अलग-अलग जगह लगाना चाहते हैं।
कुल मिलाकर, अप्रैल से जून के बीच भारतीयों ने 7.2 अरब डॉलर (करीब 670 अरब रुपये) विदेश भेजे, जबकि अप्रैल-जून 2025 में यह आंकड़ा 6.9 अरब डॉलर (करीब 650 करोड़ रुपये) था।