व्यावसायिक क्षेत्र में बैंक कर्जा 17.5 लाख करोड़ रुपये के पार
भारत के व्यावसायिक क्षेत्र को एक बड़ा सहारा मिला है। वित्त वर्ष 2027 के पहले 5 महीनों (अप्रैल-अगस्त) में बैंकों और गैर-बैंकिंग स्रोतों से व्यावसायिक क्षेत्र में कुल 17.5 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय मदद पहुंची है, जो 55.4 फीसदी की बढ़ोतरी दिखाती है। इस बढ़त का ज्यादातर हिस्सा नॉन-फूड लोन (खाद्य-सामग्री के अलावा वाले लोन) से आया है। ये लोन पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं।
वित्त मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट बताती है कि अलग-अलग उद्योगों और सर्विस सेक्टर में लोन की मांग बढ़ने के कारण कंपनियां ज्यादा उधार ले रही हैं। साथ ही लोन की मांग बढ़ने की उम्मीदें भी हैं।
कॉर्पोरेट बॉन्ड जारी हुए 0.3 लाख करोड़ रुपये
बैंकों से मिलने वाले लोन में तो बहुत उछाल आया, लेकिन कंपनियों ने कॉर्पोरेट बॉन्ड बहुत कम जारी किए। पिछले साल जहां 1.5 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी हुए थे, वहीं इस बार केवल 0.3 लाख करोड़ रुपये के ही बॉन्ड जारी हुए।
इसकी मुख्य वजह यह थी कि बढ़ते यील्ड के कारण बॉन्ड कम आकर्षक लगने लगे। लोन की मांग सभी सेक्टर्स में बढ़ी है। इसमें मध्यम आकार के उद्योगों ने सबसे आगे रहते हुए 31.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की।
माइक्रो और छोटे उद्योगों में भी 23 फीसदी की वृद्धि हुई और बड़े उद्योगों ने भी अच्छी बढ़त हासिल की। सर्विस सेक्टर में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है, खासकर शिपिंग और सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में। वित्त मंत्रालय को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में भी लोन देने की यह तेजी जारी रहेगी।