अमेरिका की नौकरी रिपोर्ट से फेडरल रिजर्व पर ब्याज दर बढ़ाने का दबाव
अमेरिकी नौकरी बाजार में बड़ी तेजी आई है, जिसने नए फेडरल रिजर्व प्रमुख केविन वॉर्श के सामने कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। मई की ताजा नौकरियों की रिपोर्ट काफी अच्छी रही, जिससे लोग अब जल्द ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद करने लगे हैं।
कीमतें (महंगाई) अगर, बढ़ती रहीं तो यह बढ़ोतरी जुलाई में भी हो सकती है। वारश को इस पद पर आए अभी सिर्फ 2 ही सप्ताह हुए हैं, लेकिन उन पर अभी से दबाव बनने लगा है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका का शेयर बाजार में दिखा असर
वॉल स्ट्रीट का नजरिया तेजी से बदल गया है। इस साल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद के बजाय अब कुछ विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ोतरी दिसंबर तक शुरू हो सकती है।
इस खबर के बाद नैस्डैक 4 फीसदी से ज्यादा गिर गया और बॉन्ड यील्ड भी काफी बढ़ गई। इसी बीच, दुनियाभर के तनाव की वजह से साल की शुरुआत से ही गैस के दाम करीब 50 फीसदी बढ़ चुके हैं, जिससे महंगाई का डर और गहरा गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्याज दरें बढ़ाने के सख्त खिलाफ हैं और उनका तर्क है कि आर्थिक विकास का मतलब हमेशा कीमतें बढ़ना नहीं होता। उनके सलाहकार केविन हेसेट ने भी इस विचार का समर्थन किया।
जून के मध्य में फेड की एक अहम बैठक होने वाली है और वारश को महंगाई से जूझते हुए भी उधार की लागत को कम बनाए रखना होगा। निश्चित रूप से यह उनके लिए कोई आसान शुरुआत नहीं है।