AI के कारण एशिया में 10 फीसदी नौकरियों की मांग घटी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की एक नई रिपोर्ट सामने आया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एशिया के नौकरी बाजार में तेजी से उथल-पुथल मचा रहा है।
2022 के आखिर में जब से ChatGPT आया है, तब से AI से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली नौकरियों की मांग में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।
प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और AI एजेंट डेवलपमेंट जैसे खास हुनर की जरूरत वाली नई तरह की नौकरियां भी सामने आ रही हैं। यह दिखाता है कि चीजें कितनी तेजी से बदल रही हैं।
चंद कंपनियां ही ढूंढ रही AI हुनर वाले लोग
हैरानी की बात तो यह है कि अभी एशिया की केवल लगभग 6 प्रतिशत कंपनियां ही AI के हुनर वाले लोगों को ढूंढ रही हैं। भारत और एशिया के कुछ दूसरे उभरते देशों को शायद शुरुआती दौर में इससे उतना असर न पड़े क्योंकि वहां ज्यादातर लोग खेती-बाड़ी और ऐसे दूसरे कामों में लगे हैं, जिन पर AI का सीधा प्रभाव कम पड़ता है।
IMF का सुझाव है कि अगर, शिक्षा, री-स्किलिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया जाए तो युवा तकनीक के बदलते दौर में खुद को आसानी से ढाल पाएंगे।