IATA ने 2026 तक एयरलाइंस का मुनाफा आधा होने की दी चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) ने चेतावनी दी है कि एयरलाइंस के मुनाफे को तगड़ा झटका लगने वाला है।
उसके मुताबिक, 2025 में 45 अरब डॉलर (करीब 4,200 अरब रुपये) का मुनाफा 2026 में घटकर 23 अरब डॉलर (करीब 2,100 अरब रुपये) रह जाएगा।
इस गिरावट की मुख्य वजहें ईंधन की बढती कीमतें और मध्य पूर्व में जारी संघर्ष हैं। एयरलाइंस का नेट प्रॉफित मार्जिन भी कम होता जा रहा है। पिछले साल यह 4.2 फीसदी था, जो अब घटकर सिर्फ 2 फीसदी रह जाएगा।
जेट ईंधन में करीब 70 फीसदी की बढ़ोतरी
माना जा रहा है कि 2026 में जेट ईंधन की कीमत करीब 70 फीसदी बढ जाएगी। इस बढ़ोतरी से पूरे विमानन उद्योग का ईंधन बिल 252 अरब डॉलर (करीब 23,000 अरब रुपये) से बढ़कर 350 अरब डॉलर (करीब 35,500 अरब रुपये) तक पहुंच जाएगा।
यह ईंधन बिल उनकी कुल ऑपरेशनल कॉस्ट का 31 फीसदी से भी ज्यादा हिस्सा घेर लेगा। मध्य पूर्व की एयरलाइंस इस मार से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। इन्हें क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र बंद होने और उडानें रद्द होने से 4.3 अरब डॉलर (करीब 400 अरब रुपये) का नुकसान झेलना पड़ेगा।
यात्री बढ़े, लेकिन मुनाफा घटा
भले ही इस साल यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड 5.1 अरब तक पहुंच गई हो और विमानों का लोड फ्याक्टर भी 84 फीसदी हो, लेकिन एयरलाइंस को इसका खास फायदा नहीं मिल रहा। प्रति यात्री मुनाफा घटकर 4.5 डॉलर (करीब 400 रुपये) रह जाएगा।