भारत में कारोबारी गतिविधियां 4 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची
सितंबर में भारत के व्यापारिक क्षेत्र ने एक नई रफ्तार पकड़ी है। पिछले 4 महीनों में ये तेजी सबसे अच्छी रही। इस तेजी की मुख्य वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर रहा, जिसमें नए ऑर्डर्स काफी बढ़े।
हालांकि, निर्यात की रफ्तार काफी सुस्त पड़ गई, जो पिछले करीब 3 साल में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई। कुल मिलाकर HSBC फ्लैश इंडिया कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) 56.5 अंक पर पहुंच गया, जो निजी कंपनियों के लिए मजबूत वृद्धि का संकेत देता है।
मैन्युफैक्चरिंग में नौकरियां बढ़ीं
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में केवल काम-काज ही नहीं बढ़ा, बल्कि नई नौकरियां भी पैदा हुईं। यह सब इलेक्ट्रॉनिक्स और दवा उद्योग जैसे सेक्टर्स में बढ़ी मांग के चलते हुआ।
दूसरी तरफ, सर्विस सेक्टर में भी उछाल आया, खासकर प्रॉपर्टी और डिजिटल क्षेत्रों में। भले ही लागतें बढ़ रही हों, लेकिन महंगाई थोड़ी नरम पड़ी।
उद्योग के दिग्गज भविष्य को लेकर काफी सकारात्मक बने हुए थे। हालांकि, सर्विस सेक्टर के निर्यात ऑर्डर्स में आई सुस्ती ने एक बार फिर याद दिलाया कि वैश्विक चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं।