पर्सनल लोन से जुड़ी ठगी ठगी से कैसे रहें सुरक्षित?
क्या है खबर?
आजकल पर्सनल लोन से जुड़ी ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जब किसी व्यक्ति को अचानक पैसों की जरूरत होती है, तो वह जल्दी फैसले ले लेता है। इसी जल्दबाजी का फायदा ठग उठाते हैं। ऑनलाइन सर्च करने पर तुरंत लोन, बिना जांच के अप्रूवल और मिनटों में पैसे मिलने जैसे दावे दिखते हैं। इनमें से कई ऑफर फर्जी होते हैं। लोग बिना जानकारी लिए लिंक पर क्लिक कर देते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।
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प्रोसेसिंग फीस और नकली ऑफर का जाल
ठगी का सबसे आम तरीका लोन अप्रूवल से पहले फीस मांगना है। कॉल या मैसेज में बताया जाता है कि लोन मंजूर हो गया है, बस प्रोसेसिंग या फाइल चार्ज देना होगा। जैसे ही पैसे ट्रांसफर होते हैं, ठग गायब हो जाते हैं। असली बैंक या NBFC कभी भी निजी खाते में पहले पैसे नहीं मांगते। वे सभी चार्ज लोन राशि से काटते हैं। जल्दबाजी में मांगी गई किसी भी फीस को हमेशा शक की नजर से देखें।
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नकली ऐप और बिना जांच वाले लोन
आजकल नकली लोन ऐप और क्लोन वेबसाइट भी बड़ी समस्या बन गई हैं। ये ऐप असली जैसे दिखते हैं और लोगों से दस्तावेज, फोटो और कॉन्टैक्ट का एक्सेस मांगते हैं। कुछ ऐप बाद में धमकी भी देने लगते हैं। इसके अलावा, बिना सिबिल स्कोर या इनकम जांच के गारंटीड लोन का दावा भी ठगी का संकेत है। कोई भी असली लेंडर बिना बेसिक जांच के लोन नहीं देता, यह बात हमेशा याद रखें।
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ठगी से बचने के आसान तरीके
पर्सनल लोन लेते समय सावधानी बेहद जरूरी है। कभी भी OTP, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और सिर्फ आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें। लेंडर का नाम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सूची में जरूर जांचें। किसी भी ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें और समय लेकर फैसला करें। अगर कोई ऑफर बहुत आसान या ज्यादा फायदेमंद लगे, तो अक्सर वही सबसे बड़ा खतरा होता है।