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होम लोन को कैसे बनाएं बेहतर? इन 5 तरीकों पर करें विचार
होम लोन लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है

होम लोन को कैसे बनाएं बेहतर? इन 5 तरीकों पर करें विचार

Sep 12, 2026
12:33 pm

क्या है खबर?

घर खरीदने के लिए ज्यादातर लोग होम लोन की मदद लेते हैं। इससे अपनी पूरी जमा पूंजी लगाए बिना अपने घर का सपना पूरा किया जा सकता है। हालांकि, इसका चुनाव करते समय केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि कौनसा बैंक सबसे ज्यादा लोन देने को तैयार है। लोन की ब्याज दर, आसान EMI, सही समय-सीमा के अलावा अन्य बातों पर विचार करना भी जरूरी होता है। आइए जानते हैं होम लोन लेते समय किन-किन बातों का ध्यान रखें।

#1

ज्यादा डाउन पेमेंट देंगे तो कम लगेगा ब्याज

बैंक से ज्यादा लोन लेने पर विचार करने से पहले यह सोचें कि इससे आपकी हर महीने की EMI और ब्याज का बोझ कितना बढ़ जाएगा।

अगर, आप ज्यादा डाउन पेमेंट देते हैं तो इससे आपको किस्त चुकाने में भी ज्यादा जोर नहीं आएगा और ब्याज भी कम देना पड़ेगा।

यह ध्यान रखें कि डाउन पेमेंट में अपनी सारी बचत खर्च न करें। डाउन पेमेंट देने के बाद भी आपके पास इमरजेंसी फंड में काफी पैसा बचा होना चाहिए।

#2

केवल सस्ती EMI देखकर ही न करें चुनाव

होम लोन की अवधि बढ़ाने से EMI काफी कम हो सकती है। इससे लोन किफायती लग सकता है, लेकिन इसमें आपको लंबे समय तक ब्याज चुकाना पड़ता है।

बैंक से अलग-अलग समय-सीमा के लिए कुल पुनर्भुगतान (रीपेमेंट) की जानकारी मांगें।

आप पाएंगे कि हर महीने थोड़ी ज्यादा EMI चुकाने से लोन की पूरी अवधि में ब्याज के तौर पर काफी बचत हो सकती है। बहुत ज्यादा EMI न चुनें, जिससे हर महीने गुजारा करना मुश्किल हो जाए।

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#3

दूसरे शुल्कों पर भी करें विचार

बड़े लोन के मामले में ब्याज दर में थोड़ा-सा अंतर भी मायने रखता है, लेकिन केवल यहीं तक सीमित न रहें। प्रोसेसिंग फीस और दूसरे शुल्क भी देखें।

अगर, लोन फ्लोटिंग रेट वाला है तो यह समझ लें कि दर कितनी बार बदल सकती है। यह भी पूछें कि ब्याज दरें बढ़ने पर क्या होता है।

क्या आपकी EMI बढ़ जाती है, लोन की अवधि बढ़ जाती है या दोनों में बदलाव हो सकता है?

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#4

आय में बढ़ोतरी का लोन जल्दी चुकाने में करें इस्तेमाल

पहले लिए गए लोन की EMI आपको ज्यादा लग सकती है, वही 5 साल बाद आपकी आमदनी बढ़ने पर आसानी से चुकाई जा सकती है।

अपनी बढ़ी हुई आय को ज्यादा खर्च करने के बजाय उस अतिरिक्त आमदनी का कुछ हिस्सा लोन चुकाने में लगाने के बारे में सोचें।

जब आपको बोनस मिले या आपके पास अतिरिक्त पैसे हों तो आप लोन में पार्ट-प्रीपेमेंट कर सकते हैं। इससे मूलधन (प्रिंसिपल) कम होने पर ब्याज भी कम हो जाता है।

#5

टैक्स फायदे के बारे में पहले से जानें

लोन के साथ टैक्स फायदे को लेकर आंकलन वर्ष 2026-27 में बदलाव किया गया है।

पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत आयकरदाता खुद के इस्तेमाल वाली प्रॉपर्टी के लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये और मूलधन पर 1.5 लाख रुपये की छूट का लाभ उठा सकते थे।

अब खुद के रहने वाले घर के लिए लोन पर मिलने वाले ब्याज की कटौती नहीं मिलती है। इसलिए टैक्स में कटौती के लिए बड़े लोन लेने से पहले सोचें।

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