धनतेरस पर चांदी खरीदने से पहले कैसे जांचें उसकी शुद्धता और हॉलमार्क?
क्या है खबर?
धनतेरस और दिवाली पर चांदी के सिक्के, बर्तन और गहने खरीदने का चलन है। ऐसे में बाजार से चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना जरूरी है। कई बार लोग केवल कीमत और डिजाइन देखकर सामान खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उसकी गुणवत्ता को लेकर परेशानी हो सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले चांदी पर लगे निशान, शुद्धता का स्तर, वजन और प्रति ग्राम कीमत की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
हॉलमार्क
चांदी पर हॉलमार्क का क्या मतलब है?
चांदी की शुद्धता पहचानने के लिए हॉलमार्क और उस पर दर्ज नंबर देखना चाहिए।
हॉलमार्क वाली वस्तु पर BIS का निशान, सिल्वर शब्द, शुद्धता का नंबर और 6 अंकों का HUID कोड होता है। चांदी की हॉलमार्किंग अभी स्वैच्छिक है, इसलिए बाजार में बिना हॉलमार्क वाली वस्तुएं भी मिल सकती हैं।
हालांकि, कभी भी हॉलमार्क वाली चांदी खरीदते समय सभी निशानों की मौजूदगी और उनकी स्पष्टता ठीक तरह जांचनी चाहिए।
शुद्धता
ऐसे जांचें चांदी की शुद्धता
चांदी पर लिखे नंबर से उसकी शुद्धता का पता चलता है।
999 नंबर का मतलब 99.9 प्रतिशत, 925 का मतलब 92.5 प्रतिशत और 800 का मतलब 80 प्रतिशत शुद्ध चांदी है। हॉलमार्क की जांच के लिए BIS केयर ऐप में HUID सत्यापन का विकल्प खोलें और वस्तु पर लिखा 6 अंकों का कोड दर्ज करें।
इसके बाद दिखाई गई जानकारी को चांदी के सामान से मिलाएं। वस्तु का प्रकार या शुद्धता अलग होने पर उसे खरीदने से बचें।
शर्तें
बिल, कीमत और वापसी की शर्तें भी जांचें
चांदी खरीदते समय ऐसा बिल जरूर लें, जिसमें वजन, शुद्धता, प्रति ग्राम भाव और बनाने का शुल्क अलग-अलग दर्ज हो।
सिक्के खरीदने पर उनकी पैकिंग और 999 शुद्धता की जानकारी जांचें। बिना हॉलमार्क वाली वस्तु खरीदने पर दुकानदार से उसकी शुद्धता का लिखित विवरण मांगें। साथ ही, सामान वापस करने या बदलने की शर्तें पहले ही समझ लें।
अगर हॉलमार्क पर संदेह हो, तो उसकी तस्वीर और बिल सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर शिकायत की जा सके।