QR कोड बदलकर कैसे की जा रही ठगी? जानिए इससे कैसे बचें
क्या है खबर?
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) में QR कोड ने भुगतान प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। बस स्कैन कर, राशि दर्ज कर एक क्लिक करने पर लेन-देन पूरा हो जाता है। जालसाजों ने इसी को लोगों को ठगने का माध्यम बना लिया है। वे QR कोड के क्लोन तैयार कर दुकानों या रेस्तरां पर भुगतान के नाम पर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। आइये जानते हैं यह स्कैम कैसे अंजाम दिया जा रहा है।
तरीका
ऐसे की जाती है धोखाधड़ी
जालसाज QR कोड में हेरफेर कर इसका क्लोन तैयार कर लेते हैं। वह अपने खाते से जुड़ा खुद का UPI QR कोड बनाता है। फिर वह उसे व्यापारी के असली QR कोड के ऊपर लगा देता है। यह चिपकाया गया स्टिकर या प्रिंटआउट हो सकता है। यह काम दुकान या रेस्तरां में ज्यादा भीड़-भाड़ के दौरान किया जाता है। उसके बाद जो भी ग्राहक उस कोड को स्कैन करता है, उसका पैसा ठग के खाते में जाता है।
अनदेखी
यह चूक पड़ जाती है भारी
इस धोखाधड़ी के झांसे में लोग इसलिए आसानी से फंस जाते हैं, क्योंकि पूरी प्रक्रिया सामान्य नजर आती है। हालांकि, इसे प्राप्तकर्ता का नाम देखकर पकड़ा जा सकता है, लेकिन कई लोग इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे आपका पैसा गलत खाते में पहुंच जाता है और एक बार पैसा ट्रांसफर हो जाने के बाद उसे वापस लाना आसान नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसकी सूचना कितनी जल्दी दी जाती है।
बचाव
इन तरीकों से होगा बचाव
इस तरह की ठगी से बचने के लिए आपको किसी तकनीकी समाधान की बजाय बेहतर ध्यान देने की जरूरत है। इसका सबसे आसान तरीका है कि भुगतान की पुष्टि करने से पहले नाम की जांच करें। मामूली भी गड़बड़ी होने पर भुगतान रोक देना चाहिए। व्यापारियों के लिए नियमित जांच महत्वपूर्ण है। QR कोड की भौतिक रूप से जांच करें। डिजिटल QR डिस्प्ले या साउंडबॉक्स सिस्टम का उपयोग करने से भी जोखिम कम हो सकता है।